राजीव गांधी किसान न्याय योजना – 10 हजार रूपये किसान योजना – Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojna

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Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojna – 10 हजार रूपये किसान योजना -राजीव गांधी किसान न्याय योजना

Rajiv Gandhi Kisan Nyay
Rajiv Gandhi Kisan Nyay

राजीव गांधी किसान न्याय योजना : दोस्तों जैसा कि आपको पता ही होगा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना चाहती है और उसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर किसानों के लिए अनेक प्रकार की योजना योजनाएंं चलाई जाती है ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किसानों की दशा सुधारने के लिए एक नई योजना की शुरुआत कर दी है जी हां, मुख्यमंत्री ने राज्य के धान किसानों के लिए राजीव गांधी न्याय किसान योजना की घोषणा कर दी है और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में 5100 करोड़ रुपए की घोषणा की है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभ (Benefits of Rajiv Gandhi Nyay Scheme)

छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के मुख्‍यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इस योजना की शुरूआत 21 मई 2020 को की जायेगी। जिसमें किसानों 10 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिये जायेगें। यह रूपये किसानों को चार किस्‍तों में दिये जायेगें।

  • धान किसानों को प्रति क्विंटल धान का मूल्य 2500 रुपए दिया जाएगा
  • समर्थन मूल्य और खरीद के अंतर की राशि को राज्य के किसानों में बाटा जायेगा।

आपको पता दे हाल के लोकसभा चुनाव से पहले माननीय राहुल गांधी द्वारा भी इस योजना का जिक्र किया गया था बजट पेश करते समय माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी सरकार के लिए राज्य के किसानों का हित सबसे ज्यादा जरूरी है और इससे पहले भी छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों 17 लाख 34 हजार किसानों का कर्ज माफ (Loan Waive) किया है।

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojna

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojna

छत्तीसगढ़ बजट Other Announcements / Provisions

राज्‍य सरकार ने 2020 के पहले बजट में यह सभी घोषणायें की गई।

  • राज्य में सब्जियों के लिए फूड पार्को के लिए बजट में 50 करोड़ रुपए
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 1603 करोड रुपए
  • राज्य में मुख्यमंत्री Pension Yojana के लिए 150 करोड़ रुपए
  • बस्तर में कुपोषण से पीड़ित परिवारों को गुड़ चना देने के लिए 170 करोड़ प्रावधान एवं छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में जल्द ही मलेरिया मुक्त अभियान शुरू करेगी
  • 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन
  • राशन कार्ड वितरण के लिए 3410 करोड़ रुपए
  • युवा महोत्सव के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपए
  • जैविक खेती विकास योजना के लिए 20 करोड रुपए
  • कोंडा गाँव मे पायलट प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपए

तो इस प्रकार किसानों के लिए बहुत सी योजनाऐं आ रही हैं। अलग – अलग योजनाओ के लिए सरकार अलग – अलग बजट पास करेगी।

Rajiv Gandhi Kisan Nyay योजना के लाभ

छत्‍तीसगढ सरकार ने किसानो के लिए इस योजना को शुरू किया हैं इससे किसानो को अनेक लाभ मिलेंगे जो निम्‍नलिखित हैं:- इससे किसानो को फसल बेंचने में सुविधा होगी व साथ ही उन्‍हें दुगुना लाभ भी मिलेंगा। इसके लिए सरकार ने धान की खेती को चुना हैं जिसके लिए ही सरकार किसानो को लाभ प्रदान करेगी। सरकार इस योजना के तहत किसानो को धान के अन्‍तर की राशि का फायदा दिलाना हैं। किसान न्याय योजना किसानो को अलग – अलग प्रकार से फायदा देगी जिससे किसान उन्‍नति की राह पर जाएगे। इस योजना के तहत सरकार किसानो के खाते में सीधे 5700 करोड रूपए की राशि से लाभान्वित करेगी। जिससे किसान अपनी खेती को आसानी से कर सकेगे। उनके सामने खेती करने में आ रही आर्थिक समस्‍याओं का सामना नही करना पडेंगा।

आवेदन प्रक्रिया

सरकार द्वारा इस योजना की अभी घोंषणा की गई हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी को आवेदन करना होगा तभी किसानो को लाभ दिया जाएगा। लेकिन अभी इसके लिए सरकार ने आवेदन नही मांगे हैं अर्थात अभी इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नही की गई हें। जैंसे ही आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाती हैं हम आपको नई पोस्‍ट के माध्‍यम से जरूर बताएगे।

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4 COMMENTS

  1. योजनाएं चलाना, घोषणाएं करना तो नेताओं के लिए एक खेल हो गया है। घोषणाएं करने के बाद कोई भी सरकार ये नहीं देखना चाहती कि योजनाएं सुचारु रूप से चलतीं भी हैं या नहीं क्या कितने और कहां घपले हो रहे हैं तंत्र कितनी ईमानदारी से काम कर रहा है, जनता को योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है कि नहीं। केन्द्र सरकार की किसानों के लिए चलाई गई अति महत्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि योजना के लिए डेढ़ साल पूरे होने पर भी योजना सभी किसानों तक नहीं पहुंच पाई करोड़ों किसान चक्कर पर चक्कर काट रहे हैं दसियों दसियों बार किसान कागज दे चुके, राज्य/जिला स्तर पर कई कई महीनों से आवेदन अनुमोदन के लिए लम्बित पड़े हुए हैं उन्हें कोई देखने सुनने वाला नहीं ब्लॉक वाले कहते हैं तहसील की जिम्मेदारी है तहसील वाले कहते हैं ब्लॉक की जिम्मेदारी है यह भी पता किसान को नहीं लगता कि आखिर किसकी जिम्मेदारी है। हमारे देश की मीडिया का ये आलम हो गया है कि वह जिसे चाहे आसमान पर चढ़ा दे जिसे चाहे धूल में मिला दे,जिसकी हो जाए उसके खूब गुण गाए जिसे न चाहे उसकी अच्छाई को भी बुराई बना दे। मोदी जी से या भाजपा सरकार से डेढ़ साल में एक भी बार इस मीडिया ने क्यों नहीं पूछा कि दसियों महीने से ये करोड़ों किसानों के आवेदन क्यों पैण्डिंग पड़े हुए हैं और डेढ़ साल में किसानों की घोषित संख्या क्यों नहीं पूरी हुई क्या उतनी संख्या के किसान देश में हैं नहीं और क्या जिन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही है वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं। क्या मेरे ये प्रश्न गलत हैं या क्या किसी मीडिया के पास मेरे जैसे करोड़ों किसानों के इन सवालों का जबाव है अगर हो तो उन जबावों को सार्वजनिक करें।

  2. इसमें गलती मीडिया वालों का है और जो हमारे यहां जिला स्तर ब्लॉक अस्तर सोसायटी स्तर कर्मचारी हैं तहसील स्तर की शारी कमी इनकी है ना कि मोदी योगी राहुल मायावती का है

  3. इसमें गलती मीडिया वालों है और जो हमारे यहां जिला स्तर ब्लॉक अस्तर सोसायटी स्तर कर्मचारी ह

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